चीन की एक महिला डॉक्टर ने खोली चीन की पोल...........
वुहान की सांस संबंधी डॉक्टर झांग ने पुरानी बात करते हुए कहा कि 26 दिसंबर को आसपास के क्षेत्र से एक बुजुर्ग दंपत्ति हुबई प्राविंशियल हॉस्पिटल ऑफ इंटीग्रेटेड चाइनीज एवं वेस्टर्न मेडिसीन पहुंचा था. महिला की जांच हुई और यह रोगाणु सामने आया और मानव जाति के लिए एक चुनौती बन गया.
इसे इस बीमारी की खोज के समय पर चीन का पहला आधिकारिक बयान बताया जा रहा है. इस वायरस के सामने आने के बाद कोविड-19 के पहले मामले के बारे में दुनिया में बड़ी दिलचस्पी है जिससे यह पता चल सकता है कि कैसे यह सामने आया. माना जाता है कि यह वायरस जानवर से इंसान में आया और फिर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता चला गया
इसे इस बीमारी की खोज के समय पर चीन का पहला आधिकारिक बयान बताया जा रहा है. इस वायरस के सामने आने के बाद कोविड-19 के पहले मामले के बारे में दुनिया में बड़ी दिलचस्पी है जिससे यह पता चल सकता है कि कैसे यह सामने आया. माना जाता है कि यह वायरस जानवर से इंसान में आया और फिर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता चला गया
वर्ष 2003 में फैली सार्स महामारी के दौरान वुहान में मेडिकल विशेषज्ञ के रूप में संदिग्ध मरीजों की जांच कर चुकीं झांग का वह अनुभव इस मौके पर काम आया और उन्हें महामारी के संकेत का आभास हुआ. उन्होंने बुजुर्ग दंपत्ति के सीटी स्कैन देखने के बाद उनके बेटे को बुलाया और उसे भी सीटी स्कैन कराने को कहा
तब झांग ने अस्पताल को एक रिपोर्ट सौंपी और उसे जिला स्तरीय रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र को सौंपा गया.उन्होंने कहा, ‘‘रिपोर्ट यह थी कि हमने एक विषाणु रोग का पता लगाया और संभवत: वह संक्रामक है.’’
तब झांग को तनिक भी मालूम नहीं था कि यह एक ऐसी महामारी की पहली रिपोर्टों में शामिल होगी जो पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना की स्थापना के बाद बहुत तेजी से फैली, उससे बहुत ज्यादा संक्रमण फैला और उस पर काबू पाना सबसे कठिन रहा.


टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें